न्यायपालिका - महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

CBSE कक्षा 11 राजनीति विज्ञान
पाठ-6 न्यायपालिका
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

एक अंकीय प्रश्नों के उत्तर:-
  1. वाक्य को शुद्ध करके लिखो।
    उच्च न्यायलय के फैसले भारतीय भू-भाग के अन्य सभी न्यायलयों पर बाध्यकारी हैं।

    उत्तर- 
    सर्वोच्च न्यायालय के फैसलें भारतीय + भू-भाग के अन्य न्यायालयों पर बाध्यकारी है।
  2. भारत में कुल कितने उच्च न्यायलय है?
    उत्तर- 
    24।
  3. भारत के मुख्य न्यायधीश का वेतन कितना है?
    उत्तर- 
    एक लाख रु. प्रतिमाह।
  4. भारतीय न्यायपालिका कब से संविधान की व्याख्या और सुरक्षा करने कार्य कर रही है?
    उत्तर- 
    1950।
  5. वर्तमान समय में सर्वोच्च न्यायालय में कितने न्यायाधीशों का प्रावधान है।
    उत्तर- 
    31 (30+1)।
  6. कौन से न्यायलय द्वारा जारी निर्णय के विरूद्ध सर्वोच्च न्यायलय में अपील नहीं की जा सकती है?
    उत्तर- 
    सैनिक न्यायालय।
  7. जनहित याचिका किस देश द्वारा अपने संविधान में शामिल की गई है?
    उत्तर- 
    द. अप्रकीका।
  8. भारत का मुख्य न्यायाधीश कब तक अपने पद पर कार्यरत रह सकता है?
    उत्तर- 
    65 वर्ष की आयु तक।
  9. भारत के मुख्य-न्यायाधीश की नियुक्ति वरिष्ठता के आधार पर परम्परा को कब तोड़ा गया?
    उत्तर- 
    1973 और 1977 में। 

दो अंकीय प्रश्नों के उत्तर:-
  1. जनहित याचिका कब व किसके द्वारा आरम्भ की गई?
    उत्तर- 
    1970 ने न्यायमूर्ति पी. एन.भगवती तथा बी. के. कृष्णअय्यर द्वारा।
  2. जनहित याचिका में क्या परिवर्तन किया गया?
    उत्तर- 
    अखबारों के समाचार तथा डाक द्वारा प्राप्त शिकायत की भी जनहित याचिका माना जाने लगा।
  3. जनहित याचिका से किसको लाभ पहुंचता है?
    उत्तर- 
    गरीबों, असहाय, असक्षम निरक्षर लोगों की शीघ्र न्याय दिलवाने के लिए।
  4. न्यायिक पुनरावलोकन का क्या अर्थ है?
    उत्तर- 
    न्यायपालिका द्वारा अपने द्वारा दिए गए निर्णय की पुनः जांच करना।
  5. सर्वोच्च न्यायालय की अपने ही फैसले बदलने की इजाजत क्यों दी जाती है?
    उत्तर- 
    न्यायपालिका से भी चूक हो सकती है। व्यक्ति को सही न्याय प्राप्त हो।
  6. न्यायपलिका अनुच्छेद 32 का प्रयोग किस प्रकार करती है।
    उत्तर- 
    न्यायपालिका रीट जारी करके बंदी प्रत्यक्षीकरण परमावेश जारी करती है ताकि सभी को जीने का अधिकार तथा सूचना का अधिकार प्राप्त हो। मौलिक अधिकारों को फिर से स्थापित किया जा सकता है।
  7. अनुच्छेद 226 जारी करने का अधिकार किसका है तथा कैसे?
    उत्तर- 
    उच्च न्यायलय रीट जारी कर सकती है। किसी कानून की गैर संवैधानिक घोषित कर सकती है उसे लागू होने से रोक सकती है।
  8. कौन-सी दो शक्तियां सर्वोच्चन्यायलय को शक्तिशाली बना देती है?
    उत्तर-
    1. रिट जारी करने की शक्ति
    2. न्यायिक पुनरावालोकन शक्ति
  9. कानून के शासन का क्या अर्थ है?
    उत्तर- 
    गरीब अमीर, स्त्री और पुरूष, अगडे और पिछड़े सभी वर्गों के लोगों पर एक समान कानून लागू हो।
  10. न्यायिक पुनरावलोकन तथा रिट में क्या अन्तर है?
    उत्तर-
    1. न्यायपालिका विधायिका द्वारा पारित कानूनों की और संविधान का व्याख्या कर सकती है।
    2. मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायलय जो आदेश जारी करती है रिट कहलाती है।

चार अंकीय प्रश्नों के उत्तर:-
  1. सर्वोच्च न्यायलय द्वारा जारी रीट का वर्णन करो।
    उत्तर- 
    बन्दी प्रत्यक्षीकरण परमादेश अधिकार पृच्छा उत्प्रेष्ठा वर्णन।
  2. परामर्श दात्री क्षेत्राधिकार से सरकार को क्या लाभ है।
    उत्तर-
    1. सरकार को छूट मिल जाती हैं।
    2. अदालती राय जानकर कानूनी विवाद से बचा जा सकता है।
    3. विधेयक में संशोधन कर सकती है।
    4. समस्या का समाधान विद्वान व्यक्तियों के द्वारा।
  3. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायधीशों की पद से हटाने की प्रक्रिया का वर्णन करो।
    उत्तर-
    1. महाभियोग द्वारा
    2. अयोग्यता का अरोप लगने पर
    3. विशेष बहुमत से प्रस्ताव पारित
    4. दोनो सदनों में बहुमत के बाद
  4. सामूहिकता के सिद्धान्त का क्या अर्थ है?
    उत्तर-
    1. सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति भारतक के मुख्य न्यायाधीश की सलाह पर राष्ट्रपति के द्वारा।
    2. न्यायाधीश की नियुक्ति नई व्यवस्था के माध्यम से
    3. नई व्यवस्था में भारत के मुख्य न्यायाधीश तथा अन्य चार वरिष्ठतम् न्यायाधीशों की सलाह से कुछ नाम प्रस्तावित राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति को सामूहिकता का सिद्धान्त कहते हैं।
  5. अपोलीय क्षेत्राधिकार का वर्णन करो?
    उत्तर-
    1. उच्च न्यायालयो कि निर्णय के विरूद्ध
    2. न्यायालय द्वारा प्रमाणित कि कानूनी व्याख्या से सम्बन्धित
    3. अपराधी के अपराध मुक्ति के निर्णय को बदल कर पुनः फांसी की सजा, सर्वोच्च न्यायालय उच्च न्यायालय से मंगवा कर पुन निरीक्षण कर सकता है।

पांच अंकीय प्रश्नों के उत्तर:-
  1. यह बात जरूर याद रहे कि गरीबों की समस्याएं ऐसे लोगों की समस्याओ से गुणात्मक रूप से अलग है जिन पर अब तक अदालत को ध्यान रहा है। गरीबों के प्रति इंसाफ का अलग नजरियां अपनाने की जरूरत है यदि हम गरीबों के मामले में आंख मूंद कर इंसाफ करने की कोई प्रतिकूल प्रक्रिया अपनाते है, तो वे कभी भी अपने मौलिक अधिकारी का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। (न्यायमूर्ति भगवती-बंधुआ मुक्ति मोर्चा बनाम भारत सरकार 1984)
    1. ऊपर लिखित कथन किस के द्वारा कहा गया?
    2. मुकद्दमें का नाम क्या था?
    3. न्यायमूर्ति किस के हित के बारे मे लिख रहे है।
    4. सभी मौलिक अधिकारी का प्रयोग किस प्रकार कर सकते है।
    उत्तर-
    1. न्यायमूर्ति भगवती के द्वारा।
    2. बंधुआ मुक्ति मोर्चा बनाम भारत सरकार 1984।
    3. गरीबों के।
    4. गरीबों के प्रति इंसाफ का नजरिया बनाकर उचित व उचित समय पर निर्णय करना।

    1. उपरोक्त चित्र में न्यापालिका किस विषय पर हस्तक्षेप कर रही हैं।
    2. न्यायपालिका के हस्तक्षेप से क्या लागू हुआ।
    3. हस्तक्षेप करते हुए न्यायपालिका ने क्या निर्णय दिया?
    उत्तर-
    1. डाक हड़ताल
      जनता को सुविधा
      सार्वजनिक हित से सम्बन्धित विभागों को हड़ताल नहीं करनी चाहिए।
    2. लोगों की असुविधा
    3. दैनिक आवश्यकताओं पर प्रभाव

छ: अंकीय प्रश्नों के उत्तर:-
  1. भारतीय न्यायपालिका की सरंचना पिरामिड के आकार की है वर्णन करो?
    उत्तर-
    1. सर्वोच्च न्यायालय
    2. उच्च न्यायालय
    3. जिला न्यायालय
    4. अधिनस्थ न्यायालय
  2. सर्वोच्च न्यायलय को क्षेत्राधिकार का वर्णन करो?
    उत्तर- 
    प्रारम्भिक (मौलिक, अपीलीय, परामर्शदाता, रिट जारी करना, वर्णन)
  3. जनहित यचिका किस प्रकार गरीबों की मदद कर सकती है?
    उत्तर- 
    किसी व्यक्ति, संस्था की शिकायत, अखबार में समाचार, डाक द्वारा शिकायत के आधार पर।
  4. जनहित यचिकाओं को न्यायपालिका के लिए नकरात्मक पहलू क्या माना जाता है?
    उत्तर- 
    1. न्यायपालिका पर काम का बोझ बढ़ना।
    2. विधानपालिका के कार्यों का न्यायपालिका के द्वारा किया जाता।
    3. न्यायापलिका के पास समय का अभाव
    4. न्यायाधीशों की कमी।
  5. न्यापालिका की नियन्त्रता के लिए प्रमुख उपायों की चर्चा करो?
    उत्तर- 
    1. न्यायाधीशों की सेवा निवृत्ति की आयु निश्चित
    2. अच्छा वेतन
    3. न्यायाधीशों द्वारा दिए गए निर्णयों को चुनौती नहीं
    4. दिए गए निर्णयों के लिए न्यायाधीशों को जीवन सुरक्षा प्रदान करना।
    5. राजसत्ता द्वारा न्यायाधीशों के कार्यों में बाधा न पहुंचाना
    6. न्यायाधीशों की नियुक्ति में विधानपालिका की दखल अंदाजी नहीं।