संविधान एक जीवंत दस्तावेज़ - महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
CBSE कक्षा 11 राजनीति विज्ञान
पाठ-9 सविधान एक जीवंत दस्तावेज़
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
पाठ-9 सविधान एक जीवंत दस्तावेज़
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
एक अंकीय उत्तर:-
- जीवन्त संविधान का अर्थ बताइए?
उत्तर- संविधान गतिशील, परिस्थितियों व समयानुसार परिवर्तन - भारतीय संविधान कब अंगीकृत और कब लागू किया गया?
उत्तर- 26 नवंबर 1949 का संविधान अंगीकृत, 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू - भारत के संविधान का स्वरूप केसा रहा?
उत्तर- लचीला व कठोर - संविधान के किस अनुच्छेद में संवैधानिक संशोधन की प्रक्रियाओं का उल्लेख है?
उत्तर- 368 - 15वां संशोधन किस से संबंधित है?
उत्तर- उच्च न्यायालय के न्यायधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु को 60 से बढ़ाकर 62 - किस संशोधन द्वारा मताधिकार की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई।
उत्तर- 61वी संशोधन - भारतीय संविधान का 42वां संशोधन कब हुआ?
उत्तर- 1976 - संविधान की समीक्षा करते समय किस बात पर ध्यान रखना चाहिए।
उत्तर- उसकी मूल सरंचना के सिद्धांत द्वारा निर्धारित सीमाओं से बाहर नहीं जाना चाहिए। - भारतीय संविधान के मौलिक ढांचे की धारणा का विकास किस मुकदमें में हुआ?
उत्तर- स्वामी केश्वानंद भारती के मुकदमें में। - भारतीय संविधान में आज तक कितने संशोधन हो चुके है?
उत्तर- अब तक संविधान में लगभग 100 संशोधन हो चुके हैं।
दो अंकीय प्रश्नों के उत्तर:-
- कोई दो उदाहरण दीजिए जिसमें संसद अनुच्छेद 368 में दी गई प्रक्रिया को अपनाएं बिना ही संशोधन कर सकती है?
उत्तर-- अनुच्छेद 2 (नए राज्यों को प्रवेश देना)
- अनुच्छेद 3 (राज्य का क्षेत्रफल बढ़ाना)
- संविधान निर्माताओं ने किन आदर्शों को ध्यान में रखते हुए संविधान का निर्माण किया जो आज भी विद्यमान हैं?
उत्तर- व्यक्ति की गरिमा और स्वतंत्रता, सामाजिक तथा आर्थिक समानता राष्ट्रीय एकता व अखंडता - संविधान में संशोधन प्रस्ताव पर संसद के दोनो सदनों में मतभेद होने पर क्या किया जाता है?
उत्तर- दोनों सदनों में अलग-अलग विशेष बहुमत जरूरी। अगर दोनों सदनों में संशोधन पास नही होता तो वह रद्द हो जाता। - भारतीय संविधान कठोर व लचीलेपन का समन्वय है? क्या आप इस कथन से सहमत है? समझाइए।
उत्तर- संयुक्त अधिवेशन बुलाने का प्रावधान नहीं हैं। न पूर्णतः लचीला और न ही पूरी तरह से कठोर।
लचीला संविधान- जिसमें संशोधन सरलता से वैसे ही किया जाता है जैसे कानून बनाया जाता है उदाहरण के लिए -राज्यों के नाम बदलना, उनकी सीमाओं में परिवर्तन करना आदि। संसद के दोनों सदनों द्वारा उपस्थित सदस्यों के साधारण बहुमत से बदल सकते हैं।
कठोर संविधान- संविधान की कुछ धाराओं को बदलने के लिए संसद के दोनों सदनों का दो तिहाई बहुमत आवश्यक है और कुछ के लिए बहुमत के साथ-साथ कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडल द्वारा संशोधन पर समर्थन आवश्यक है। - न्यायिक पुर्नरावलोकन क्या है?
उत्तर- विधानमंडल द्वारा बनाए गए कानूनों पर न्यायपालिका द्वारा दोबारा विचार करने को न्यायिक पुर्नरावलोकन कहते है। - संविधान को जीवंत दस्तावेज क्यों कहा जाता है?
उत्तर- परिस्थितियों के अनुसार समय के अनुसार संशोधन किए जा सकते है। - भारतीय संविधान में बहुत अधिक संशोधन होने के क्या कारण हैं?
उत्तर-- लचीला संविधान
- परिस्थितियाँ
- विभिन्न वर्गों को संतुष्ट करने के लिए
- सामाजिक आर्थिक परिवर्तनों के लिए
- केशवानंद भारती मुकदमें के कोई दो महत्व लिखो।
उत्तर-- 38वें व 39वें संवैधानिक संशोधन को चुनौती
- सांच्या न्यायालय ने संविधान के मौलिक दांचे की धारणा का प्रतिपादन
चार अंकीय प्रश्नों के उत्तर:-
- भारतीय संविधान में साधारण विधि से संशोधन किन विषयों में किया जा सकता है?
उत्तर-- नए राज्यों का निर्माण
- राज्य का नाम बदलना
- राज्य की सीमा में परिवर्तन
- संसद सदस्यों के विशेषाधिकारों के संबंध में संशोधन
- भारतीय संविधान में नीचे लिए संशोधन करने के लिए कौन सी विधि का प्रयोग किया जा सकता है?
- चुनाव आयोग से सम्बन्धित
- राज्यों की सीमाओं में बदलाव
- धार्मिक स्वतंत्रता का आधार
- केन्द्र सूची में परिवर्तन
- विशेष बहुमत
- सामान्य बहुमत
- विशेष बहुमत
- विशेष बहुमत तथा राज्यों द्वारा अनुमोदन
- साधारण बहुमत व विशेष बहुमत में क्या अंतर है?
उत्तर-साधारण बहुमत मतदान करने वाले सदस्यों का संख्या 50% + 1 है। विशेष बहुमत- सदन के कुल सदस्यों का 2/3 बहुमत है।
पाँच अंकीय प्रश्नों के उत्तर:-
- जून 1975 में देश में आपातकाल की घोषणा की गई ये तीन संशोधन इसी पृष्ठभूमि से निकले थे। इन संशोधनों का लक्ष्य संविधान के कई महत्वपूर्ण हिस्सों में बुनियादी परिवर्तन करना था। वास्तव में संविधान का 42 वां संशोधन बहुत बड़ा संशोधन है। इसने संविधान को गहरे स्तर पर प्रभावित किया। एक प्रकार से यह सर्वोच्च न्यायालय द्वारा केशवानंद मामले में दिए गए निर्णय को भी चुनौती दी। यहां तक कि इसके तहत लोकसभा की अवधि को भी 5 वर्ष से बढ़ाकर 6 वर्ष कर दिया गया मूलकर्तव्यों को भी संविधान में इसी संशोधन द्वारा जोड़ा गया यह कहा जाता है कि इस संशोधन के द्वारा संविधान के बड़े मौलिक हिस्से को नए सिरे से लिखा गया।
- भारत में आपात्काल की घोषणा कब और किसके द्वारा की गई।
- कौन-से तीन विवादास्पद संशोधन इस काल में किए गए?
- केशवानंद भारती विवाद का संविधान संशोधन पर क्या प्रभाव पड़ा?
- 25 जून 1975 राष्ट्रपति श्री फकरूद्दीन अली अहमद
- लोकसभा की अवधि 5 से बढ़ा कर छ: वर्ष, मूल कर्तव्य संविधान में जोड़, न्यायपालिका की समीक्षा पर प्रतिबन्ध।
- संविधान के मूल ढाँचे के परिवर्तन पर रोक लगी।
छ: अंकीय प्रश्नों के उत्तर:-
- भारतीय संविधान में संशोधन करने की विधियों का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
उत्तर-- संसद के सामान्य बहुमत के आधार पर
- संसद के दोनों सदनों में अलग-अलग विशेष बहुमत के आधार पर
- संसद के दोनों सदनों में अलग-अलग विशेष बहुमत तथ कुल राज्यों की कम से कम आधी विधानसभाओं द्वारा स्वीकृति।
- संविधान एक जीवंत दस्तावेज है? अर्थ समझाकर अपनी राय दीजिए।
उत्तर-- संविधान गतिशील या जीवंत दस्तावेज
- जीवित प्राणी की तरह अनुभव से सीखता है।
- भविष्य में आने वाली चुनौतियों का समाधान ढूंढने को लिए समर्थ होना पड़ता है इसलिए संशोधन होते है।
- संविधान में संवैधानिक संशोधनों द्वारा दिए गए कुछ परिवर्तनों का वर्णन करो।
उत्तर-- 1951 - संपति की अधिकार का संशोधन संविधान मे नौवीं अनुसूची जोड़ी गई।
- 1969 - उच्चतम न्यायालय का निर्णय कि संसद संविधान में संशोधन नहीं कर सकती जिससे मौलिक अधिकारों का हनन हो।
- 1989 - 61 वां संशोधन-मतदान की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष
- 73वी, 74वां संशोधन - स्थानीय स्वशासन
- 93वां संशोधन (2005) उच्च शिक्षा संस्थानों में पिछड़ा वर्ग के लिए स्थान आरक्षित।
- 42वां संशोधन (1976) प्रस्तावना में पंथ निरपेक्ष व समाजवादी शब्द का जुड़ना।
- 52वां संशोधन (1985) दल बदल पर रोक।