स्थानीय शासन - महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

CBSE कक्षा 11 राजनीति विज्ञान
पाठ-8 स्थानीय शासन
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

एक अंकीय प्रश्नों के उत्तर:-
  1. स्थानीय शासन के निकायों को संवैधानिक दर्जा प्रदान करने की सिफारिश किस समिति ने की तथा कब?
    उत्तर- 
    थुंगन समिति, 1989।
  2. स्थानीय शासन की विचारधारा का विचार किस देश से ग्रहण किया गया।
    उत्तर- 
    ब्राजील।
  3. संविधान का 73वां तथा 74वां संशोधन संसद में कब पारित हुआ तथा इसे कब लागू किया गया?
    उत्तर- 
    1992, 1993।
  4. स्थानीय शासन संविधान की किस सूची का विषय है?
    उत्तर- 
    राज्य सूची।
  5. त्रिस्तरीय ढांचे से क्या अभिप्राय है?
    उत्तर- 
    ग्राम पंचायते निचले स्तर पर, ब्लॉक समिति मध्य स्तर पर और जिला परिषद ऊपरी स्तर पर।
  6. ग्राम सभा का सदस्य कौन व्यक्ति होता है?
    उत्तर- 
    वे सभी जो 18 वर्ष की आयु प्राप्त कर चुके व्यक्ति जो ग्राम पंचायत के चुनाव में वोट डालने के अधिकारी हैं।
  7. ग्राम पंचायतों व नगरपलिकाओं के चुनाव कितने वर्षों के लिए किए जाते है?
    उत्तर- 
    5 वर्षो
  8. पंचायती राज की संस्थाओं में महिलाओं के लिए कितने प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है?
    उत्तर- 
    1 तिहाई
  9. संविधान के किस अनुच्छेद के द्वारा ग्यारहवीं अनुसूची के विषय प्रांतीय सरकार पंचायतें को दे सकती है?
    उत्तर- 
    अनुच्छेद 243
  10. पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की जिम्मेदारी किस अधिकारी को दी गई है?
    उत्तर- 
    राज्य के चुनाव आयुक्त

दो अंकीय प्रश्नों के उत्तर:-
  1. भारत में स्थानीय शासन के अधिक मजबूत न होने के दो कारण लिखिए।
    उत्तर- 
    जातिवाद, गुटबाजी, सांप्रदायिकता
  2. "शहरी इलाका" शब्द से क्या अभिप्राय है?
    उत्तर-
    1. जनसंख्या कम से कम 5000,
    2. 75% से अधिक कामकाजी पुरूष खेती बाड़ी से अलग काम करते हो।
    3. जनसंख्या का घनत्व 400 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर हो।
  3. नगर निगम तथा नगरपालिकाएं किस प्रकार के शहरों में कार्यरत होती हैं?
    उत्तर- 
    नगर निगम बड़े शहरो में, नगरपालिकाएं छोटे शहरो में।
  4. ग्राम पंचायतों के क्या-क्या कार्य हैं? किन्हीं दो का उल्लेख करो।
    उत्तर- 
    सफाई, बिजली, पानी की व्यवस्था, सड़कों का निर्माण, जन्म तथा मृत्यु का पंजीकरण आदि।
  5. पंचायती संस्थाओं में महिलाओं को जो आरक्षण दिया गया है उससे महिलाओं की सामाजिक स्थिति में क्या बदलाव आया है? स्पष्ट करो।
    उत्तर- 
    आज अनेकों महिलाएं सरपंच तथा मेयर जैसे पदों पर आसीन है उनमें पहले से जयादा शक्ति तथा आत्मविश्वास आया है। महिलाओं की राजनीतिक समझ में वृद्धि हुई है।
  6. स्थानीय शासन से आम नागरिकों को क्या लाभ हुए है?
    उत्तर- 
    नागरिकों की समस्याओं के समाधान बहुत तेजी से तथा कम खर्च में हो जाते है। नागरिकों की राजनीतिक भागीदारी बढ़ती है।
  7. स्थानीय शासन अपना कार्य उतनी दक्षता से नहीं कर पाता, जिसके लिए उसकी स्थापना हुई थी? क्यों?
    उत्तर- 
    धन का अभाव रहता है। आय के अनुपात में खर्च अधिक है इसलिए राज्य सरकारों और केन्द्र सरकार के अनुदान पर निर्भर रहना पड़ता है।
  8. राज्य का वित्त आयोग कितने वर्ष के लिए बनाया जाता है तथा उसका मुख्य कार्य क्या है?
    उत्तर- 
    5 वर्ष के लिये स्थानीय शासन की संस्थाओं की अर्थिक स्थिति का अनुमान लगाना।
  9. अभी हाल में नगर निगम के कुछ रिक्त स्थानों पर चुनाव हुए हैं आप के विचार से ये चुनाव कराए जाने का क्या कारण रहा होगा?
    उत्तर- 
    ये स्थान कई कारणों से रिक्त हुए होंगे-
    1. किसी निगम पार्षद की मृत्यु के कारण
    2. किसी निगम पार्षद का दल बदल लेने के कारण
    3. किसी निगम पार्षद का विधायक बन जाने के कारण
  10. पंचायती निकायों की व्यवस्था हमारे देश में प्राचीनकाल में भी थी। वर्तमान समय में इनकी कार्यप्रणाली में क्या सुधार हुए हैं?
    उत्तर- 
    प्राचीनकाल में भी स्थानीय संस्थाएं परन्तु वे जनता के प्रति जवाबदेह नहीं थी। आज से संस्थाएं अधिक उत्तरदायी है और जनता के प्रति जवाबदेह भी।

चार अंकीय प्रश्नों के उत्तर:-
  1. स्थानीय शासन का क्या महत्व है?
    उत्तर-
     स्थानीय शासन का हमारे जीवन में बहुत महत्व है यदि स्थानीय विषय स्थानीय प्रतिनिधियों के पास रहते है तो नागरिकों के जीवन की रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान तीव्र गति से तथा कम खर्च में हो जाती है।
  2. नगर निगम तथा नगरपालिकाओं के चार कार्य लिखें।
    उत्तर- 
    सफाई का प्रबंध, बिजली का प्रबंध, पेयजल की व्यवस्था, जन्म और मृत्यु का पंजीकरण, सड़कों का निर्माण व मरम्मत, शमशान घाटों की व्यवस्था आदि।
  3. मेयर कौन होता है?
    उत्तर- 
    नगर निगम के सदस्यों का मुखिया होता है।
  4. इस समय दिल्ली में कितने नगर निगम हैं? इतने निगमों के बनाए जाने का क्या कारण है?
    उत्तर- 
    इस समय दिल्ली में तीन नगर निगम है, उत्तर दिल्ली, पूर्वी दिल्ली तथा दक्षिणी दिल्ली नगर निगम। क्योंकि दिल्ली की जनसंख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और उनकी समस्याएं भी। एक नगर निगम सबकी समस्याओं का समाधान उतनी कुशलता से नहीं कर पा रहा था जितना तीन नगर निगम कर पा रहैं हैं।
  5. नगर निगम आम जनता की समस्याओं का समाधान करने में कहां तक सफल रहै है?
    उत्तर- 
    नगर निगम जनता की समस्याओं का समाधान उस हद तक नहीं कर पा रहै जितना वो कर सकते हैं। आज भी सड़कें टूटी रहती हैं कूड़े के ढेर जगह-जगह देखे जा सकते हैं। पानी, बिजली की समस्या का समाधान किया जा चुका है परंतु फिर भी गर्मी के दिनों में इन दोनों से ही आम नागरिकों को जूझना पड़ता है।
  6. पंचायती राज संस्थाओं के समक्ष कौन-कौन सी समस्याएं है?
    उत्तर- 
    धन की समस्या, जनता का जागरूक न होना, राजनीतिक हस्तक्षेप, आय से अधिक व्यय होना।
  7. "स्थानीय संस्थाएं स्वायत्त नहीं है इसीलिए यह कुशलता पूर्वक कार्य नहीं कर पाती" आपके विचार से क्या यह कथन सत्य है? कैसे?
    उत्तर- 
    हाँ, यदि ये संस्थाएं स्वायत्त हो जाएं तो नागरिकों की समस्याएं जल्दी सुलझेगी और ये संस्थाएं जनता के प्रति उत्तरदायी भी होंगी।
  8. "लोकतंत्र तभी सफल होता है जब नागरिकों की सक्रीय भागीदारी होती है" इस कथन को स्पष्ट करें।
    उत्तर- 
    नागरिकों की राजनीतिक भागीदारी लोकतंत्र की सफलता के लिए अनिवार्य है। जागरूक नागरिक ही लोकतंत्र की सार्थक भागीदारी कर सकता है। तभी सरकार जवाबदेह होगी।
  9. "स्थानीय शासन में महिला आरक्षण का लाभ वास्तव में पुरूष सत्तात्मक समाज ले रहा हैं"? क्या आप इस बात से सहमत है? तर्क दीजिए।
    उत्तर- 
    अनेक मामलों में यह देखा गया है कि महिलाएं अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में असफल रही हैं या महिला को पद पर आसीन करा कर परिवार का मुखिया या पुरूष उसके बहाने फैसले लेता रहता है।
  10. जब भी लोकतंत्र को ज्यादा सार्थक बनाने और ताकत से वंचित लोगों को ताकत देने की कोशिश होगी तो समाज में संघर्ष और तनाव का होना तय है? क्या आप इस विचार से सहमत है? स्पष्ट करें।
    उत्तर- 
    हाँ, अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को संविधान ने अनिवार्य बना दिया या इसके साथ ही, अधिकांश प्रदेशों ने पिछड़ी जाति के लिए आरक्षण का प्रावधान बनाया। इससे स्थानीय निकायों की सामाजिक बुनावट में भारी बदलाव आए। कभी-कभी इससे तनाव पैदा होता है और सत्ता के लिए संघर्ष तेज हो जाता है।

पाँच अंकीय प्रश्नों के उत्तर:-
  1. "गांधी जी का मानना था कि ग्राम पंचायतों को मजबूत बनाना सत्ता के विकेन्द्रीकरण का कारगर साधन है। विकास के हर पहलू में स्थानीय लोगों की भागीदारी होनी चाहिए ताकि यह सफल हो सके। समूचे भारत की आजादी की शुरूआत सबसे नीचे से होनी चाहिए। इस तरह हर राज्य एक गणराज्य होगा।"
    1. "सत्ता के विकेन्द्रीकरण” से क्या अभिप्राय है?
    2. गणराज्य से क्या अभिप्राय है?
    3. पंचायतों को मजबूत कैसे बनाया जा सकता है? कोई दो सुझाव दीजिए।
    4. "आजादी की शुरूआत सबसे नीचे से होनी चाहिए” इस कथन से कश्या अभ्रिपाय है?"
      उत्तर-
    5. सत्ता के विकेन्द्रीकरण का अर्थ है सत्ता जनता तक पहुंचे जैसे गांधी जी चाहते थे कि ग्रामोदय की विचारधारा सत्ता की विकेन्द्रीकरण है। स्थानीय स्तर की समस्याएं स्थानीय स्तर पर सुलझ जाएं।
    6. गणराज्य से अभिप्राय है जहां राज्य का प्रमुख जनता के द्वारा चुना हुआ प्रतिनिधि होता है यदि स्थानीय शासन को स्थानीय जनता तक पहुंचाया जाएगा तो हर ग्राम एक गणराज्य बन जाएगा।
    7. उन्हैं धन की कमी नहीं होनी चाहिए।
      जनता का जागरूक होना चाहिए।
    8. इसका अर्थ है समस्याओं के समाधान स्थानीय जनता के प्रतिनिधियों द्वारा हो सकें। आम जनता की पहुँच वहाँ तक है।
  2. चित्र को ध्यान से देखें और प्रश्नों के उत्तर दें-
    1. इस चित्र में जो लिखा है उससे आप क्या समझ पा रहै है?
    2. स्थानीय शासन की मदद से क्या इस उद्देश्य को प्राप्त किया जा सकता है? कैसे?
    3. इस उद्देश्य की प्राप्ति में किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है?
      उत्तर- 
    4. इसक अर्थ है ये हमारा गांव है और इसमें हमारा राज होना चाहिए।
    5. हां, क्योंकि स्थानीय प्रतिनिधि स्थानीय समस्याओं का समाधान अच्छे प्रकार से कर सकते हैं क्योंकि वे समस्याओं से अवगत होते हैं।
    6. कभी-कभी धन की समस्या, सरकार का हस्तक्षेप, आय से अधिक व्यय होने के कारण अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

छ: अंकीय प्रश्नों के उत्तर:-
  1. स्थानीय शासन से क्या अभ्रिपाय है तथा इसका नागरिकों के रोजमर्रा के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
    उत्तर- 
    स्थानीय शासन स्थानीय मामलों की देखभाल करती है नागरिकों की दिन प्रतिदिन की समस्याओं का समाधान तेजी से तथा कम खर्च में कर सकती है। इससे नागरिक सामाजिक तथा राजनीतिक रूप से भागीदार बनता है।
  2. पंचायती राज व्यवस्था से क्या अभिप्राय है? यदि आप जिला कलेक्टर होते तो आप गांवों की किन-किन समस्याओं का समाधान करते?
    उत्तर- 
    गांवों के स्थानीय शासन को पंचायती राज कहा जाता है। इसके तीन स्तर है। (छात्र अपने विवेक से उत्तर देगा)
  3. नगर निगम को आय कहां से प्राप्त होती है? क्या यह धन नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त होता है? क्यों?
    उत्तर- 
    नगर निगम बहुत से कर लगाता है जैसे गृहकर, जल कर, साप्ताहिक बाजारो में सामान बेचने वालों पर कर, आदि राज्यों से अनुदान प्राप्त करके भी नगर निगम धन प्राप्त करते हैं। नहीं, क्योंकि आय से अधिक व्यय किया जाता है और राज्य सरकारों से अनुदान प्राप्त करने के लिए बहुत देर हो जाती है।