संविधान का राजनीतिक दर्शन - महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

CBSE कक्षा 11 राजनीति विज्ञान
(भाग-2) पाठ-1 संविधान का राजनितिक दर्शन
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

एक अंकीय प्रश्नों के उत्तर:-
  1. हमारा संविधान किसके प्रति प्रतिबद्ध है?
    उत्तर-
     स्वतंत्रता लोकतंत्र, समानता, सामाजिक न्याय, एकता।
  2. भारत मे किस राज्य का अपना संविधान है?
    उत्तर- 
    जम्मू कश्मीर।
  3. संविधान के दर्शन की झलक संविधान के किस भाग में मिलती है?
    उत्तर- 
    प्रस्तावना।
  4. भारत मे राज्य को धर्म के आन्तरिक मामलों में हस्तक्षेप की आवश्यकता क्यों है?
    उत्तर-
    धर्म से संबंधित रिवाज़ जैसे छुआछूत नीतियों को समाप्त करने व किसी के आत्म सम्मान को ठेस न पहुँचे इसके लिये।
  5. किस देश के संविधान को शांति संविधान कहा जाता है?
    उत्तर- 
    जपान।
  6. पारस्परिक निषेध का क्या अर्थ है?
    उत्तर- 
    राज्य व धर्म एक दूसरे के अंदरूनी मामलों से दूर रहैंगे।
  7. अनुच्छेद 371A क्या है?
    उत्तर- 
    अनुच्छेद 371A में नागालैंड (पूर्वोतर का प्रदेश) को विदेश दर्जा दिया गया है।
  8. मौलिक अधिकार से आप क्या समझतें है?
    उत्तर- 
    वह अधिकार जो व्यक्ति के विकास के लिए जरूरी है। और जिन्हैं संविधान में सूचीबद्ध करके सुरक्षा प्रदान की जाती है।
  9. किसने 19वीं सदी के शुरूआती समय में ही प्रेस की आज़ादी की कांट छांट का विरोध किया था?
    उत्तर-
     राजा राममोहन राय।
  10. मोती लाल नेहरू रिपोर्ट में मताधिकार के बारे में क्या सुझाव दिया था?
    उत्तर- 
    24 वर्ष की आयु के हर व्यक्ति स्त्री या पुरूष को मताधिकार।

दो अंकीय प्रश्नों के उत्तर:-
  1. भारतीय संविधान की आलोचनाओं का उल्लेख करो।
    उत्तर- 
    (i) संविधान ढीला और अस्त व्यस्त
    (ii) भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल नहीं
    (iii) उधार मांगा हुआ संविधान।
    (iv) सबकी नुमाइंदगी नहीं। (कोई दो)
  2. अनुसूचित जाति और जनजातियों के हितों की रक्षा के लिए संविधान में कौन से उपाय किए गए हैं?
    उत्तर- 
    (i) उचित प्रतिनिधित्व, संसद में सीटों का आरक्षण
    (ii) सरकारी नौकरी तथा शिक्षा संस्थानों में भी आरक्षण
  3. भारतीय संविधान की क्या सीमाएं है?
    उत्तर- 
    (i) राष्ट्रीय एकता की धारणा केन्द्रीकृत
    (ii) सामाजिक आर्थिक अधिकारों को राज्य के नीति निर्देशक तत्व वाले खंड में डाला गया है।
    (iii) लिंगगत न्याय के महत्वपूर्ण प्रश्नों जैसे परिवार से जुड़े मामलों पर उचित ध्यान नहीं दिया गया है।
  4. संविधान राज्य पर कैसे अंकुश लगाता है?
    उत्तर-
     संविधान सिद्धान्तों का समूह है जिसके माध्यम से राज्य की सीमाएं निर्धारित होती जिससे किसी समूह के हितों का नुकसान न हो और लोगों के अधिकारों का दुरूपयोग न हो।
  5. भारतीय नागरिकों के मौलिक कर्तव्य लिखो।
    उत्तर- कुछ मौलिक कर्तव्य
    1. संविधान का पालन
    2. राष्ट्रध्वज तथा राष्ट्रगान का सम्मान
    3. देश की एकता व अखण्डता की रक्षा
    4. देश की रक्षा
    5. पर्यावरण को स्वच्छ रखना
    6. सार्वजनिक सम्पति की रक्षा
  6. संविधान के राजनीतिक दर्शन से आप क्या समझते है?
    उत्तर- 
    स्वतंत्रता समानता, लोकतंत्र, न्याय तथा राष्ट्रीय एकता का अध्ययन ही वास्तव में संविधान के राजनैतिक दर्शन को अभिव्यक्त करता है।
  7. सार्वभौमिक व्यस्क मताधिकार क्या है और उसे एक उपलब्धि क्यों माना जाता है?
    उत्तर- 
    भारत के सभी लोगों को जो 18 वर्ष के हो चुके है उन्हैं मत देने का अधिकार है।
    सार्वभौम मताधिकार उस समय प्रदान किया गया जब पश्चिम में कामगार वर्ग और महिलाओं को मताधिकार प्रदान नहीं किया गया था।

चार अंकीय प्रश्नों के उत्तर :-
  1. भारतीय संविधान की प्रस्तावना में वर्णित किन्हीं चार आदर्शों को समझाइए।
    उत्तर-
    1. प्रभुत्व संपन्न
    2. गणराज्य
    3. समाजवादी
    4. न्याय (सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक)
    5. धर्मनिरपेक्ष
    6. स्वतंत्रता (विचार, अभिव्यक्ति, धर्म)
    7. लोकतंत्र
    8. समानता
  2. धर्मनिरपेक्षता के संबंध में भारतीय और पश्चिमी दृष्टिकोण के अंतर को स्पष्ट करों।
    उत्तर- भारतीय धर्मनिरपेक्षता-
     यह पूरी तरह से राज्य और धर्म का पारस्परिक निषेध नहीं मानती। धर्म पर राज्य का प्रभुत्व नहीं है परंतु धर्म राज्य काज में और राज्य धर्म काज में हस्तक्षेप करेगा अगर कोई धर्म व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुँचाता है तो राज्य हस्तक्षेप कर सकता है।
    पश्चिमी धर्मनिरपेक्षता- धर्म व्यक्ति का निजी मामला। धर्म व राज्य दोनों एक दूसरें के अंदरूनी मामले से दूर रहैंगे।
  3. मौलिक अधिकारे का अर्थ तथा महत्व बताइए?
    उत्तर- 
    ऐसे अधिकार जो जीवन के लिए मूल या आवश्यक हो ओर जिन्हैं संविधान के द्वारा दिया गया हो।
    महत्व-
    1. लोकतांत्रिक व्यवस्था के आधार
    2. सरकार की शक्तियों पर प्रतिबंध
    3. सामाजिक आर्थिक न्याय को बढ़ावा
    4. संविधान के आधार स्तंभ
    5. अल्पसंख्यको में सुरक्षा और आत्मविश्वास बढ़ता है।
  4. भारत में संविधान की सर्वोच्चता है? स्पष्ट करें?
    उत्तर- 
    संविधान की सर्वोच्चता
    1. लिखित संविधान- सरकार का कार्य व अधिकार निर्धारित
    2. सरकार के विभिन्न अंग व संघ की सीमाओं का स्पष्ट निर्धारण
    3. कोई संविधान का उल्लंघन नहीं कर सकता है।
    4. कोई शक्ति संविधान से ऊपर नहीं है।

पाँच अंकीय प्रश्नों के उत्तर:-
  1. निम्न अवतरण को पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दो।
    संविधान के बारे में गौर करने वाली बात है कि यह व्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध है। यह प्रतिबद्धता एक सदी तक निरंतर चली बौद्धिक और राजनीतिक गतिविधियों का परिणाम है। 19 वीं सदी में ही राममोहन राय ने प्रेस की आजादी की काट छांट का विरोध किया था। अंग्रेजी सरकार प्रेस की आजादी पर प्रतिबंध लगा रही थी। राममोहन राय का तर्क था कि जो राज्य व्यक्ति की जरूरतों का ख्याल रखता है उसे चाहिए कि वह व्यक्ति को अपनी जरूरतों की अभिव्यक्ति का साधन प्रदान करें इसलिए राज्य के लिए जरूरी है कि वह प्रकाशन की असीमित आजादी प्रदान करें।
    1. संविधान के किस अनुच्छेद में नागरिकों को बोलने व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी गई।
    2. जब अंग्रेजो ने प्रेस की आजादी पर प्रतिबंध लगाया तो किसने उसका विरोध किया और कैसे?
    3. प्रेस की स्वतंत्रता से क्या अभिप्राय है।
    उत्तर-
    1. अनुच्छेद 19 से 22
    2. राजा राममोहन राय ने, उनका कहना था व्यक्ति को अभिव्यक्ति की पूर्ण स्वंत्रतता हो।
    3. प्रकाशन की असीमित आजादी।

छ: अंकीय प्रश्नों के उत्तर:-
  1. भारतीय संविधान के राजनीतिक दर्शन की मुख्य विशेषताओं की व्याख्या करें?
    उत्तर-
    1. व्यक्ति की स्वतंत्रता
    2. सार्वभौमिक मताधिकार
    3. संघवाद
    4. विविधता और अल्पसंख्यकों के अधिकार का सम्मान
    5. राष्ट्रीय एकता
    6. समानता
    7. सामाजिक न्याय
  2. संविधान को लोकतांत्रिक बदलाव का साधन क्यो माना जाता है?
    उत्तर-
    1. संविधान सत्ता को निरंकुश होने से बचाता है।
    2. संविधान सबके हितों का रक्षक (सभी वर्गों तथा जातियों का)
    3. सामाजिक बदलाव के लिए शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक साधन प्रदान करता है।
    4. कमजोर वर्गों को सत्ता में आने का अवसर मिलता है क्योंकि सभी को सार्वभौमिक मताधिकार है।